माँ पर कविता हिंदी Poem On Mother In Hindi में लेके आये है,दोस्तों ये ज्यादा बड़ी कविता तो नही है ,लेकिन कई चुनिंदा वाक्यों से ही माँ की ममता का गुणगान किया गया है,क्योंकि माँ की ममता, प्यार, समर्पण और त्याग पर अगर कोई कविता लिखने बैठे तो भी माँ को परिभाषित नहीं किया जा सकता मेरे दोस्तो...क्योंकि माँ की ममता विशाल है |
Poem On Mother In Hindi
बचपन के पलो का एक लम्हा है माँ,
प्यार करो इसको क्योकि तनहा है माँ.
प्यार करो इसको क्योकि तनहा है माँ.
पक्षियों के गीतों का राग है माँ,
महकते जहाँ पुष्प वो बाग़ है माँ.
ज़िन्दगी के पतझड़ में बसंत है माँ,
समय पर काम आने वाली जामबंत है माँ.
समय पर काम आने वाली जामबंत है माँ.
सुलगती हुई आग की रौशनी है माँ,
कभी किसी को नही कोशती है माँ.
दुआयों से भरा हुआ समंदर है माँ,
कष्ट दे कोई बच्चो को तो बनती बबंडर है माँ.
कष्ट दे कोई बच्चो को तो बनती बबंडर है माँ.
संसार की बुराइयों का नाश है माँ,
हर बच्चे के लिए होती ख़ास है माँ.
गुरू का स्थान जब लेती है माँ,
तो जीवन में आगे बढ़ने का ज्ञान देती है माँ.
तो जीवन में आगे बढ़ने का ज्ञान देती है माँ.
ऋषि मुनियों के लिखे हुए वेद है माँ,
दिल में छुपाए कई सारे भेद है माँ.
भगवन की कल्पना का प्रतिक है माँ,
कुछ हो ना जाये बच्चों को इसलिए भयभीत है माँ.
कुछ हो ना जाये बच्चों को इसलिए भयभीत है माँ.
" माँ की अमर कहानी को
इस कविता में मैंने पिरोया है
माँ के पावन चरणों को
अपने हाथों से धोया है
इस कविता में मैंने पिरोया है
माँ के पावन चरणों को
अपने हाथों से धोया है
संसार की हर माता को मैं
दिल से प्रणाम करता हूँ
भगवान् को भी जिसने जना
उसे में अपना जीवन समर्पित करता हूँ "
दिल से प्रणाम करता हूँ
भगवान् को भी जिसने जना
उसे में अपना जीवन समर्पित करता हूँ "
Hello Dosto Agar aap ko Ye Poem On Mother In Hindi pasand aayi to hume comment kar ke btaye.....Thanks



