Unique Shayari aap ye padh kar hi samajh gaye honge ki kiss prakar ki shayari aap padhne jaa rhe hai..Thanks
Unique Shayari
Jaise bhagaane ke liye kai gidro ko
Ek sher hi kaafi hai
Vaise hi drane ke liye kai bujdilo ko
Ek dilair hi kaafi hai
जैसे भगाने के लिए कई गिदड़ो को
एक शेर ही काफी है
वैसे ही डराने के लिए कई बुजदिलो को
एक दिलेर ही काफी है
एक शेर ही काफी है
वैसे ही डराने के लिए कई बुजदिलो को
एक दिलेर ही काफी है
Mere kaamo ki gawahi dega
Jikra hoga jab mahan vyaktiyon ka
To logo ki jubaan par
Mera bhi naam hoga
इतिहास का हर पन्ना
मेरे कामो की गवाही देगा
जिक्र होगा जब महान व्यक्तियों का
तो लोगो की जुबान पर
मेरा भी नाम होगा
मेरे कामो की गवाही देगा
जिक्र होगा जब महान व्यक्तियों का
तो लोगो की जुबान पर
मेरा भी नाम होगा
gawaya uska gam nhi
Har kar bait jaye kayro ki tarah
Itne bujdil hum nhi
पाया जो काम नहीं
गवाया उसका गम नही
हार कर बैठ जाये कायरो की तरह
इतने बुजदिल हम नहीं
गवाया उसका गम नही
हार कर बैठ जाये कायरो की तरह
इतने बुजदिल हम नहीं
Na haar kabhi main manuga
Koshish kar karke
yato jitne ka hunar sikh lunga
ya haar-haar ke apni pahchan bna lunga
ना हार मैंने मानी है
ना हार कभी मैं मानूंगा
कोशिश कर करकेयातो जीतने का हुनर सीख लूंगा
या हार-हार के अपनी पहचान बना लूंगा
ना हार कभी मैं मानूंगा
कोशिश कर करकेयातो जीतने का हुनर सीख लूंगा
या हार-हार के अपनी पहचान बना लूंगा
Pagal type ka ladka hoon
Sadgee mujhe pasand nhi
Isliye baiwajah hi ladta hoon
मैं चालक चंट और
पागल टाइप का लड़का हूँ
सादगी मुझे पसंद नहीं
इसलिए बेवजाह ही लड़ता हूँ
पागल टाइप का लड़का हूँ
सादगी मुझे पसंद नहीं
इसलिए बेवजाह ही लड़ता हूँ
Hawa ka udgam sroth hai
Manavta ka iss duniya me
Kishi ko bhi nhi bodh hai
पेड़ो की हलकी सी हल-चल
हवा का उद्गम स्रोत है
मानवता का इस दुनिया में
किसी को भी नही बोध है
हवा का उद्गम स्रोत है
मानवता का इस दुनिया में
किसी को भी नही बोध है
Kamjori samajh baita
Jab nikali vo takat
To fir me kya kahta
तेरी मासूमियत को में तेरी
कमजोरी समझ बैठा
जब निकली वो ताकत
तो फिर में क्या कहता
कमजोरी समझ बैठा
जब निकली वो ताकत
तो फिर में क्या कहता
Iss paise ke chakkar me
Par ye paisa bhi nhi bhaiya
Hum logo ki takkar me
लोग हुए है पागल
इस पैसे के चक्कर में
पर ये पैसा भी नही भैया
हम लोगो की टक्कर में
इस पैसे के चक्कर में
पर ये पैसा भी नही भैया
हम लोगो की टक्कर में
To zindagi me aage badhne ka
Ek mauka jaroor deti hai
कुदरत जब इम्तेहान लेती है
तो ज़िन्दगी में आगे बढ़ने का
एक मौका जरूर देती है
तो ज़िन्दगी में आगे बढ़ने का
एक मौका जरूर देती है











