Taqdeer Shayari me aapko taqdeer se sambandhit shayari melengi,dosto log kahte hai ki taqdeer ka likha koi mita nhi sakta ,lekin ye baat puri tarah se sach nhi hai ,agar hum chahe to apne karmo se apne taqdeer ka likha mita sakte hai.Thanks
Taqdeer Shayari
Mukaddar bhi ussi ke aage jhukta hai
Jo bure-se-bure halat me nhi rukta hai
मुकद्दर भी उसी के आगे झुकता है
जो बुरे-से-बुरे हालात में नहीं रुकता है
जो बुरे-से-बुरे हालात में नहीं रुकता है
Taqdeer bhi uske aangan me
Bistar dal ke soti hai
जिसका जूनून ही मेहनत होती है
तक़दीर भी उसके आँगन में
बिस्तर डाल के सोती है
तक़दीर भी उसके आँगन में
बिस्तर डाल के सोती है
Sabhi ke jivvan me aate hai
Par haatho me jeet sirf unhe milti hai
Jo apni mehant se apni
Taqdeer ko khichkar laate hai
ज़िन्दगी के इम्तेहान
सभी के जीवन में आते है
पर हाथों में जीत सिर्फ उन्हें मिलती है
जो अपनी मेहनत से अपनी
तक़दीर को खींचकर लाते है
सभी के जीवन में आते है
पर हाथों में जीत सिर्फ उन्हें मिलती है
जो अपनी मेहनत से अपनी
तक़दीर को खींचकर लाते है
Jiske haath nhi hote
Bhagwan swam sambhalte hai usse
Jiske log saath nhi hote
तक़दीर उसकी भी होती है
जिसके हाथ नही होते
भगवान स्वयं सँभालते है उसे
जिसके लोग साथ नहीं होते
जिसके हाथ नही होते
भगवान स्वयं सँभालते है उसे
जिसके लोग साथ नहीं होते
To kyo bhagwan par dosh dharu
Jab tuta hua me khud hi hoon
Fir kya kishi me josh bharu
तक़दीर में ही कमी है
तो क्यों भगवन पर दोष धरु
जब टुटा हुआ में खुद ही हूँ
फिर क्या किसी में जोश भरु
तो क्यों भगवन पर दोष धरु
जब टुटा हुआ में खुद ही हूँ
फिर क्या किसी में जोश भरु
Fakir nhi badal sakta
Kitni bhi koshish karle
Koi hatho ki uski lakir nhi badal sakta
आलसी इंसान की तक़दीर कोई
फ़क़ीर नही बदल सकता
कितनी भी कोशिश करले
कोई हाथो की उसकी लकीर नहीं बदल सकता
फ़क़ीर नही बदल सकता
कितनी भी कोशिश करले
कोई हाथो की उसकी लकीर नहीं बदल सकता
Ye sab log hume janne lagenge
Safalta ko dekhkar humari hume
Taqdeer wala manne lagenge
कुछ समय और रुको
ये सब लोग हमें जानने लगेंगे
सफलता को देखकर हमारी हमे
तक़दीर वाला मानने लगेंगे
ये सब लोग हमें जानने लगेंगे
सफलता को देखकर हमारी हमे
तक़दीर वाला मानने लगेंगे
Uske haatho ki lakir me
Koi nhi hai kami
Ye kaha ek fakir ne
इंसान की तक़दीर में
उसके हाथों की लकीर में
कोई नही है कमी
ये कहा एक फ़क़ीर ने
उसके हाथों की लकीर में
कोई नही है कमी
ये कहा एक फ़क़ीर ने
Par hosle bhuland hai
Vyaktitv mera aisa hai
Jisme aa nhi sakta ghamand hai
चाहे तक़दीर मेरी खराब हो
पर होसले बुलंद है
व्यक्तित्व मेरा ऐसा है
जिसमे आ नहीं सकता घमंड है
पर होसले बुलंद है
व्यक्तित्व मेरा ऐसा है
जिसमे आ नहीं सकता घमंड है











