Duniya ka agar koi sabse निः स्वार्थ dil hai to vo hai Maa ka dil,Maa ki mamta,tyag,samarpan ka koi bhi saani nhi hai.Agar sacche mayne me kaha jaye to Maa ka darja Bhagwan se bhi badkar hota hai,Pyari mamta mai Maa par Shayari aapke liye laye hai.
Maa Shayari
Kuch pal ki muskan se jiske
Hraday sabhi ka khil udta hai
Maa ki adbhut mamta ka
Duja nhi vikalp mila hai
कुछ पल की मुस्कान से जिसके
ह्रदय सभी का खील उड़ता है
माँ की अद्भुत ममता का
दूजा नहीं विकल्प मिला है
ह्रदय सभी का खील उड़ता है
माँ की अद्भुत ममता का
दूजा नहीं विकल्प मिला है
Uski wajah se main yaha khada hoon
Jisne mujhe apna kaur khilaya
Usko bhookha main kaise sula du
माँ की ममता को मैं कैसे भुला दू
उसकी वजह से मैं यहाँ खड़ा हूँ
जिसने मुझे अपना कौर खिलाया
उसको भूखा मैं कैसे सुला दो
उसकी वजह से मैं यहाँ खड़ा हूँ
जिसने मुझे अपना कौर खिलाया
उसको भूखा मैं कैसे सुला दो
Maa ka anchal suna nhi hone dunga
Din-raat kaam kar lunga
Par apni Maa ko bhukha nhi sone dunga
जब-तक जिंदा हूँ मैं
माँ का आँचल सुना नही होने दूंगा
दिन-रात काम कर लूँगा
पर अपनी माँ को भूखा नही सोने दूंगा
माँ का आँचल सुना नही होने दूंगा
दिन-रात काम कर लूँगा
पर अपनी माँ को भूखा नही सोने दूंगा
Mahatv bad jata hai
Agar Maa ki dua sath ho
To insaan kishi bhi
Pareshani se lad jata hai
अँधेरी रात में उजाले का
महत्त्व बढ़ जाता है
अगर माँ की दुआ साथ हो
तो इंसान किसी भी
परेशानी से लड़ जाता है
महत्त्व बढ़ जाता है
अगर माँ की दुआ साथ हो
तो इंसान किसी भी
परेशानी से लड़ जाता है
Charam seema ko payegi
Kismat bhi charno me tumhare
Nat-mastak ho jayegi
जब-जब माँ की कृपा है अपनी
चरम सीमा को पायेगी
किस्मत भी चरणों में तुम्हारे
नत-मस्तक हो जाएगी
चरम सीमा को पायेगी
किस्मत भी चरणों में तुम्हारे
नत-मस्तक हो जाएगी
Kasar nhi hai chhaudti
Maa chahe kaisi bhi ho
Baccho se mooh nhi modti
घर को स्वर्ग बनाने में
कसर नही है छोडती
माँ चाहे कैसी भी हो
बच्चो से मुंह नहीं मोड़ती
कसर नही है छोडती
माँ चाहे कैसी भी हो
बच्चो से मुंह नहीं मोड़ती
Biti bete ne ghar jab chhauda tha
Patni ke kahne par usne
Maa se rishta toda tha
सोचो माँ के दिल पर क्या
बीती बेटे ने घर जब छोड़ा था
पत्नी के कहने पर उसने
माँ से रिश्ता तोड़ा था
बीती बेटे ने घर जब छोड़ा था
पत्नी के कहने पर उसने
माँ से रिश्ता तोड़ा था
Ek jawab hota hai
Ussi prakar har Maa ko apne
Baccho ka khyal hota hai
जिस प्रकार हर सवाल का
एक जवाब होता है
उसी प्रकार हर माँ को अपने
बच्चों का ख्याल होता है
एक जवाब होता है
उसी प्रकार हर माँ को अपने
बच्चों का ख्याल होता है
Jab meri pith ko thap-thapaya
Duniya jahan ki sabhi
Pareshaniyon ko maine
Apne kadmo me paya
माँ के कांपते हुए हाथों ने
जब मेरी पीठ को थप-थपया
दुनिया जहान की सभी
परेशानियों को मैंने
अपने कदमों में पाया
जब मेरी पीठ को थप-थपया
दुनिया जहान की सभी
परेशानियों को मैंने
अपने कदमों में पाया











